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कैसे चुनें इक्‍विटी म्‍युचुअल फंड

निवेश के लिए सही फंड चुनना आपके लिए बेहद अहम है

How to choose an equity fund

म्‍चुचुअल फंड की दुनिया बहुत बड़ी है। मौजूदा समय में बाजार में 550 इक्‍विटी फंड उपलब्‍ध हैं। ऐसे में निवेश के लिए सही म्‍युचुअल फंड चुनना अपने आप में एक बड़ा काम है। आज हम आपको ऐसी तमाम बातों के बारे में बता रहे हैं जिनके आधार पर आप इक्‍विटी फंड चुन सकते हैं।


निवेश की अवधि

आप अपना पैसा कितनी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं। इसके आधार पर ही यह तय होगा कि आपको इक्‍विटी फंड में निवेश करना चाहिए या डेट फंड में। अगर आप 5 साल से अधिक अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो इक्‍विटी फंड बेहतर है। इक्‍विटी में कम अवधि के लिए निवेश करने पर बाजार में तेज उतार चढ़ाव का खतरा रहता है वहीं लंबी अवधि में निवेश करने पर उतार चढ़ाव का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। अगर आप कम अवधि यानी 5 साल से कम अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो डेट फंड बेहतर विकल्‍प है।

कितना रिस्‍क उठा सकते हैं

आम तौर पर डेट फंड को काफी सुरक्षित माना जाता है। वहीं कई तरह के इक्‍विटी फंड में रिस्‍क का स्‍तर अलग अलग है। इक्‍विटी फंडों की बैलेंस्‍ड फंड कैटेगरी में काफी कम रिस्‍क होता है वहीं मिड कैप और स्‍माल कैप में अधिक रिस्‍क होता है।

बैलेंस्‍ड फंड में डेट और इक्‍विटी दोनों तरह के फंड होते हैं। ऐसे में बैलेंस्‍ड फंड पर बाजार के उतार चढ़ाव का असर कम होता है। इस तरह से इसमें रिस्‍क भी कम होता है।। लार्ज कैप फंड बड़ी कंपनियों में निवेश करते हैं, जो आम तोर पर कम रिस्‍क के साथ कम रिटर्न देता है। मल्‍टी कैप फंड छोटी बड़ी हर तरह की कंपनियों में निवेश करता है। ऐसे में निवेश के लिए यह सबसे बेहतर इक्‍विटी फंड है। ज्‍यादा रिस्‍क लेने की क्षमता रखने वाले निवेशकों के लिए मिड और स्‍माल कैप फंड बेहतर विकल्‍प हैं।। वहीं ऐसा फंड जो सिर्फ एक सेक्‍टर या एक थीम में निवेश करता है उसमें निवेश करने से बचना चाहिए। ऐसे फंड बाजार में तेज उतार चढ़ाव की चपेट में आ सकते हैं और इससे आपको नुकसान हो सकता है। इसके अलावा ऐसे फंडों में निवेश से डायवर्सीफिकेशन भी नहीं हो पाता है जो निवेश के लिहाज से बेहद अहम है।


फंड परफार्मेंस

अपना लक्ष्‍य हासिल करने के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंडों में निवेश करना जरूरी है। आप www.ValueResearchOnline.com पर फंड की स्‍टार रेटिंग चेक करके निवेश की शुरूआत कर सकते हैं। इसके अलावा आपको यह भी देखना चाहिए कि फंड के प्रदर्शन में निरंतरता है या नहीं ओर फंड मैनेजर का ट्रैक रिकॉर्ड कैसा है।


एक्‍सपेंस रेशियो

आसान शब्‍दों में कहें तो एक्‍सपेंस रेशियो वह फीस है, जो असेट मैनेजमेंट कंपनियां निवेशको से उनका फंड मैनेज करने के लिए लेती हैं। कई बार ऐसा होता है कि दो समान फंडों के लिए अलग अलग असेट मैनेजमेंट कंपनियों का एक्‍सपेंस रेशियो अलग अलग होता है। ऐसे में आपको ऐसे फंड में निवेश करना चाहिए जिसका एक्‍सपेंस रेशियो कम हो। इस तरह से आप ज्‍यादा पैसा निवेश कर पाएंगे।

उम्र

अगर आपके पास अपने लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए सालों का समय है तो आपको इक्विटी फंडों में निवेश करना चाहिए। अगर कोई निवेशक रिटायर हो गया है और उसे 10 साल बाद पैसों की जरूरत पड़ेगी तो उसे बैलेंस्‍ड फंड में निवेश करना चाहिए। वैसे जल्‍दी निवेश शुरू करने का अपना फायदा होता है। कम उम्र में निवेश शुरू करने से इक्‍विटी की कंपाउंडिंग का ज्‍यादा फायदा मिलता है।

टैक्‍स प्‍लानिंग

इनकम टैक्‍स बचाना हम लोगों में से ज्‍यादातर लोगो की प्राथमिकता है। ऐसे में टैक्‍स प्‍लानिंग फंड सबके पोर्टफोलियो में होना चाहिए। टैक्‍स प्‍लानिंग फंड को इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम यानी ईएलएसएस के नाम से भी जाना जाता है। ये रेग्‍युलर इक्विटी फंड हैं जो आपको सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स बेनेफिट मुहैया कराते हैं। अगर आप अनुशासित तरीके से टैक्‍स सेविंग फंडों में निवेश करें तो लंबी अवधि में आप बड़ा फंड बना सकते हैं।